Wednesday, June 23, 2021

एक छोटी सी कहानी मनुष्य की कीमत –

 One Short Story Value of a Human




एक छोटी सी कहानी मनुष्य की कीमत – One Short Story Value of a Human




एक छोटी सी कहानी मनुष्य की कीमत – एक बार लोहे की दुकान (shop of metal) में अपने पिता के साथ काम कर रहे एक बालक ने अचानक ही अपने पिता से पुछा – “पिताजी इस दुनिया में मनुष्य की क्या कीमत (what is the value of human) होती है ?” (एक छोटी सी कहानी मनुष्य की)

पिताजी एक छोटे से बच्चे से ऐसा गंभीर सवाल (serious question) सुन कर हैरान रह गये.

फिर वे बोले “बेटे एक मनुष्य की कीमत आंकना बहुत मुश्किल है, वो तो अनमोल (priceless) है.”

बालक – क्या सभी उतना ही कीमती (precious) और महत्त्वपूर्ण (important) हैं ?

पिताजी – हाँ बेटे.




बालक कुछ समझा नही उसने फिर सवाल किया – तो फिर इस दुनिया मे कोई गरीब (poor) तो कोई अमीर (rich) क्यो है? किसी की कम रिस्पेक्ट तो कीसी की ज्यादा क्यो होती 

सवाल सुनकर पिताजी कुछ देर तक शांत (calm for few minutes) रहे और फिर बालक से स्टोर रूम (store room) में पड़ा एक लोहे का रॉड (metal rod) लाने को कहा.

रॉड लाते ही पिताजी ने पुछा – इसकी क्या कीमत (value) होगी?

बालक – 200 रूपये.

पिताजी – अगर मै इसके बहुत से छोटे-छटे कील बना दू तो इसकी क्या कीमत हो जायेगी ?

बालक कुछ देर सोच कर बोला – तब तो ये और महंगा बिकेगा (will be sold costly) लगभग 1000 रूपये का .

पिताजी – अगर मै इस लोहे से घड़ी के बहुत सारे स्प्रिंग (springs) बना दूँ तो?







बालक कुछ देर गणना (mathematics) करता रहा और फिर एकदम से उत्साहित (excited) होकर बोला ” तब तो इसकी कीमत बहुत ज्यादा हो जायेगी.”

फिर पिताजी उसे समझाते हुए बोले – “ठीक इसी तरह मनुष्य की कीमत इसमे नही है की अभी वो क्या है, बल्की इसमे है कि वो अपने आप को (what he want to be) क्या बना सकता है.”

बालक अपने पिता की बात समझ (understand) चुका था . (एक छोटी सी कहानी मनुष्य की कीमत)

दोस्तो अक्सर हम अपनी सही कीमत आंकने मे गलती (mistake) कर देते है. हम अपनी ताजी हालत (current situation) को देख कर अपने आप को बेकार (waste) समझने लगते है. परन्तु हम में हमेशा अथाह शक्ति (immense power)  होती है. हमारा जीवन हमेशा सम्भावनाओ से भरा (life is filled with possibilities) होता है. हमारी जीवन मे कई बार स्थितियाँ अच्छी नही (not good situations) होती है पर इससे हमारी कीमत (value)  कम नही होती है.

मनुष्य के रूप में हमारा जन्म (birth as a human) इस दुनिया मे हुआ है इसका मतलब है हम बहुत  खास  (special) हैं . हमें हमेशा अपने आप  में सुधार (improvement) करते रहना चाहिये और अपनी सही कीमत (right value)  प्राप्त करने की दिशा में बढ़ते रहना चाहिय



Wednesday, June 16, 2021

UPSC NDA (II) 2021 आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी: NDA की पूरी चयन प्रक्रिया जाने यहाँ

UPSC NDA (II) 2021 आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी: NDA की पूरी चयन प्रक्रिया जाने यहाँ


Highlights

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राष्ट्रीय रक्षा  अकादमी (NDA) और नौसेना अकादमी (NA) परीक्षा (II) 2021 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के मुताबिक 400 सीटों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 जून 2021 तक चलेगी। 
Source: Amar Ujala
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राष्ट्रीय रक्षा  अकादमी (NDA) और नौसेना अकादमी (NA) परीक्षा (II) 2021 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के मुताबिक 400 सीटों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 जून 2021 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी UPSC की आधिकारिक वेबसाइट के जरिये इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।


... Sanni maurya ji

देश के सबसे प्रतिष्ठित रक्षा प्रवेश परीक्षाओं में से एक NDA का आयोजन साल में दो बार किया जाता है। इस परीक्षा में दो चरण होते हैं: एक लिखित परीक्षा और एक SSB इंटरव्यू। हर साल लगभग चार लाख आवेदक NDA के लिए आवेदन करते हैं, जिनमें से मात्र 6,000 SSB इंटरव्यू के लिए चुने जाते हैं। आप NDA के पूरे चयन प्रक्रिया को इस लेख के माध्यम से समझ सकते हैं। 

आवेदन प्रक्रिया :

NDA की परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक छात्रों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन फॉर्म भरने के बाद छात्रों को आवेदन शुल्क के रूप में 100 रुपये का ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से भुगतान करना होगा। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के कुछ दिनों बाद आयोग उन उम्मीदवारों की सूची जारी करता है जिनका आवेदन खारिज कर दिया गया है। इसके अलावा एक निर्धारित समय के लिए आवेदन पत्र को वापस लेने के लिए लिंक जारी किया जाता है। जो छात्र परीक्षा देने का इरादा नहीं रखते हैं वे अपना आवेदन वापस ले सकते हैं।
  

एडमिट कार्ड :

परीक्षा से तीन हफ्ते पहले एडमिट कार्ड जारी किया जाता है। एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर छात्रों के रोल नंबर या उनके पंजीकरण नंबर के साथ लॉग इन करके डाउनलोड किया जा सकता है। उम्मीदवारों को डाक से एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी नहीं भेजी जाएगी।

लिखित परीक्षा :

लिखित परीक्षा उन सभी आवेदकों के लिए अनिवार्य है जिन्होंने परीक्षा के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया है।  लिखित परीक्षा के दो भाग होते हैं : मैथ्स और जनरल एबिलिटी टेस्ट। यह परीक्षा कुल 900 अंको का होता है। आवश्यक न्यूनतम अंकों के साथ लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाता है।

परिणाम की घोषणा :

इस परीक्षा लिखित और फाइनल रिज़ल्ट्स दो चरणों में ऑनलाइन प्रकाशित किए जाते हैं।  लिखित परीक्षा के परिणाम पहले घोषित किए जाते हैं, उसके बाद फाइनल रिज़ल्ट की घोषणा की जाती है। फाइनल रिजल्ट पीडीएफ प्रारूप में होता है और इसमें पास हुए उम्मीदवारों के रोल नंबर होते हैं। फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्रों की मार्कशीट जारी की जाती है। 
  

SSB इंटरव्यू :

SSB इंटरव्यू का उपयोग कैडेट्स के बुद्धि और व्यक्तित्व का आकलन करने के लिए किया जाता है। इस परीक्षण को दो भागों में बांटा गया है। इंटरव्यू सेंटर पर रिपोर्ट करने के पहले दिन सभी कैडेट्स को पहले चरण की परीक्षा से गुजरना होता है। पहले चरण की परीक्षा पास करने वाले कैडेट्स को द्वितीय चरण की परीक्षा देने के लिए बुलाया जाता है। दूसरे चरण के समय कैडेट्स को जन्म प्रमाण पत्र के साथ-साथ पास सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत करना होता है।

फाइनल रिजल्ट :

कैंडिडेट्स को अंततः लिखित परीक्षा और SSB इंटरव्यू में उनके प्रदर्शन के आधार पर NDA और INAC's की सेना, नौसेना और वायु सेना के विंग में प्रवेश के लिए चुना जाता है। इन विंग्स में प्रवेश सीटों संख्या के साथ-साथ उम्मीदवारों की योग्यता, चिकित्सा , फिटनेस और योग्यता-सह-वरीयता पर आधारित होता है।

आंसर शीट का प्रकाशन :

भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद, गणित और सामान्य योग्यता परीक्षा (GAT) दोनों के लिए आंसर शीट जारी की जाती है। टेस्ट बुकलेट के प्रत्येक सेट के लिए आंसर शीट उपलब्ध कराई जाती है।
  

Safalta के साथ करें पक्की तैयारी : 

अगर आप भी इस परीक्षा में सफल होकर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में शामिल होना चाहते हैं तो आपको safalta द्वारा चलाये जा रहे NDA/NA के स्पेशल कोर्स को जरूर ज्वॉइन करना चाहिए। इस कोर्स में आपको 180+ घंटे की लाइव इंटरैक्टिव क्लासेज और 180 से भी ज्यादा डाऊनलोड करने योग्य पीडीएफ नोट्स के साथ फ्री मॉक टेस्ट जैसी अन्य कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। तो देर किस बात की अभी इस कोर्स को ज्वॉइन करें और NDA 2021 की परीक्षा में अपना रिजल्ट पक्का करें।

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Monday, June 14, 2021

कहानी:एक ट्रेन यात्रा के सहारे मनुष्य की स्थितियां और उसके आत्मकेंद्रित स्वभाव को दर्शाती कहानी 'तनाव'

कहानी:एक ट्रेन यात्रा के सहारे मनुष्य की स्थितियां और उसके आत्मकेंद्रित स्वभाव को दर्शाती कहानी 'तनाव'

https://www.youtube.com/channel/UCO36CP5nYLwReoYZw_UlRAw
  • एक ट्रेन चल रही है। एक व्यक्ति ट्रेन से अपने बीमार पिता को देखने जा रहा है। तभी एक हादसा होता है, जिसकी वजह से ट्रेन को रुककर पीछे लौटना पड़ता है।
  • इस फेर में देरी हो जाती है। ट्रेन के यात्री हादसे को लेकर निरपेक्ष हैं और अपने मामूली और फ़ौरी हितों की फ़िक्र में डूबे हैं।
  • इस कहानी के माध्यम से —एक चलती रेलगाड़ी में मनुष्य की जीवन-स्थितियों और उसके आत्मकेंद्रित स्वभाव का एक रंगमंच सजीव हो उठता है...

भोपाल से बहन का फोन आया। उसकी आवाज़ में घबराहट थी। उसने बस इतना ही कहा, फ़ौरन चले आओ। पिताजी की तबीयत काफी ख़राब है। कभी भी कुछ हो सकता है। नब्बे साल के पिता को देखे एक साल हो चुका था। मन में बुरे-बुरे ख़्याल आने लगे, पता नहीं क्या होगा। इधर रायपुर में बड़ी मुश्किल से तो एक कंपनी में नौकरी मिली थी। साल भर से उसी में लगा रहा। भोपाल जाने का समय ही नहीं मिला। लेकिन जब बहन का फोन आया तो मुझे लगा कि जाना चाहिए। कई बार अशुभ समाचार सीधे-सीधे नहीं कहे जाते, लेकिन पंक्तियों के बीच के संदेश को समझना पड़ता है। मुझे भी आशंका हुई कि कोई बुरी ख़बर है, जो बहन सीधे-सीधे नहीं कह रही है। बड़ी मिन्नतों के बाद चार दिन की छुट्टी मिली। तत्काल में रिज़र्वेशन कराया और भोपाल के लिए रवाना हो गया। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में जगह मिली। ट्रेन काफ़ी स्लो है लेकिन सुबह नौ-दस बजे तक तो पहुंचा ही देगी, यह सोचकर रिज़र्वेशन करवा लिया। एसी में तो जगह ही नहीं थी, सेकंड क्लास में एक बर्थ मिल गई। गनीमत है मिल ही गई वरना जनरल बोगी में सफ़र करना पड़ता। ट्रेन शाम को चार बजे रायपुर से छूटी मगर चार घंटे बाद अचानक रास्ते में कहीं रुक गई। बोगी के भीतर बैठे दो सिपाही तेजी के साथ दौड़ते हुए ‘इंटरकनेक्ट’ बोगी की ओर निकल गए। शायद कोई अपराधी पकड़ में आ गया हो। यात्रियों ने ट्रेन से झांकना शुरू किया। आठ बज चुके थे। तब तक तो बाहर घुप्प अंधेरा पालथी मारे बैठ गया था। मैंने घड़ी की ओर नजऱ फेंकी। आठ बज चुके थे। अंदाज़ लगाया गोंदिया का आउटर होगा। मैं एक किताब पढ़ने लगा। पांच-दस मिनट तक तो सब-कुछ सामान्य-सा चलता रहा लेकिन धीरे-धीरे ट्रेन के बाहर लोगों की हलचल कुछ तेज़ होती गई। तरह-तरह की आवाज़ें कानों तक पहुंचने लगीं- कोई लड़की गिर गई है। - कैसे? - दरवाजे के सामने बैठी थी। नींद का झोंका आया और... कोई कह रहा था, खंभे से टकरा गई। लेकिन लड़की गिरी है, यह तय है। बोगी के लोग नीचे उतरने लगे। मुझसे भी रहा न गया। मैं भी भीड़ का हिस्सा बन गया। ट्रेन आमगांव के पास कहीं खड़ी है, ऐसा एक जानकार ने बताया। - पीटीएस (पुलिस ट्रेनिंग स्कूल) ने माना कि कोई लड़की खंभे से टकराकर गिर गई है। उसकी लाश ढूंढने के लिए कुछ सिपाही पीछे गए। बीस-पच्चीस मिनट ऐसे ही निकल गए। अचानक ट्रेन ने सीटी दी। सब ट्रेन में सवार हो गए। अब ट्रेन पीछे जा रही थी। एक ने कहा, लड़की की डेड बॉडी नहीं मिली इसलिए ट्रेन को पीछे ले जा रहे हैं। लगभग चार किलोमीटर के बाद ट्रेन रुकी। हम लोग नीचे उतर गए। गांव के लोग भी जमा हो गए। लाश का पता नहीं चल रहा था। ट्रेन एक बार फिर दो किलोमीटर पीछे हुई। नौ बज चुके हैं। पता नहीं कितना वक़्त लगेगा। मैं भी तनावग्रस्त हो गया। चाहता था, ट्रेन समय पर भोपाल पहुंच जाए, लेकिन अब तो लगातार विलंब हो रहा है। मगर मैं भी दूसरे यात्रियों की तरह लाचार था। भोपाल जा रहे एक मंत्रीजी भी चहलक़दमी के लिए एसी से नीचे उतर आए। मंत्री को देख एक आदमी ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगा, यह क्या तमाशा है। बार-बार ट्रेन को पीछे किया जा रहा है। भूख-प्यास से हम लोग परेशान हो रहे हैं। पुलिस विभाग की लड़की थी इसलिए ट्रेन को रिवर्स कर रहे हैं। हम लोगों में से किसी के साथ ऐसा हुआ होता तो क्या ट्रेन पीछे जाती? मंत्रीजी ने उसे समझाया, थोड़ी ही देर की तो बात है, बंधु। इतने परेशान क्यों हो रहे हो?’’ - वाह, क्यों न हों परेशान? भूख-प्यास से बुरा हाल हुआ जा रहा है। नागपुर भी जल्दी पहुंचना है। मंत्रीजी ने अपने पीए को आवाज़ दी, सुनो पांडेय, इस आदमी को खाना खिलाओ भई! यात्री का बड़बड़ाना जारी था, तमाशा बनाकर रख दिया है देश को... एक पुलिस वाली के लिए ट्रेन आगे-पीछे कर रहे हैं... अरे, मर गई तो मर गई। रेलवे ने ठेका लिया है क्या सबका? मंत्री ने मुसकराते हुए कहा, चुनाव लड़ने का इरादा है क्या? तुम तो हम लोगों की भी छुट्टी कर दोगे। - आपकी छुट्टी तो अब किन्नर लोग ही करेंगे... यात्री धीरे-से बुदबुदाया और आगे बढ़ गया। कुछ लोग जो उसके विरोधी तेवर से सहमत थे, वे सब उसके पीछे-पीछे हो लिए। मेरे पास वाली बर्थ में बैठा युवक दौड़ते हुए मेरे पास आया। वह कुछ घबराया हुआ लग रहा था। वह मुझे पहचानता था। पत्रकार हूं, यह भी उसे मालूम था। - सुना आपने? गज़ब हो गया। - क्या हो गया? - लड़की की डेड बॉडी को इसी बोगी में रखा जाएगा। - तुमसे किसने कहा? - लोग कह रहे हैं। अब आप ही बताइए, हम लोग खाना कैसे खाएंगे? पूरी फ़ैमिली परेशान हो रही है। - चिंता मत करो। इस बोगी में लाश नहीं रखी जाएगी। उसे गार्ड के डिब्बे में रखा जाएगा या फिर अलग से मोटर में ले जाएंगे। - लेकिन बोगी वाले तो...? - तुम लोग खाना खाओ। चिंता मत करो। मैं देखता हूं। युवक को टालने की ग़रज़ से मैंने यूं ही कह दिया। बोगी के अंतिम छोर पर बैठे चार-पांच युवक अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए शराब पीने में मगन थे। एक शराबी नीचे उतरकर मेरे पास आया- क्यों भाई साहब, डेड बॉडी मिली क्या? - नहीं। - मतलब गाड़ी अभी कुछ देर और रुकेगी न? - हां, क्यों? - सोच रहे थे, बोतल यहीं खाली कर लें। पुलिस वाले भी डेड बॉडी की तलाश में निकल गए हैं। कोई ख़तरा नहीं है। नागपुर में आराम से खाना खाएंगे। आप भी शौक़ फरमाते हैं तो, चलें...! मैं चुप रहा। मन-ही- मन सोच रहा था, पता नहीं कितनी देर लगेगी... क्या होगा। मुझे ख़ामोश देखकर वह लौट गया। थोड़ी देर तक चहल-कदमी के बाद मंत्रीजी अपने कूपे में चले गए। मैं भीड़ की इकाई बना दूर अंधेरे की ओर निहारता रहा। - आपको क्या लगता है, पृथक विदर्भ राज्य बन जाएगा? छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड तो बन ही गया है। पास ही खड़े चार लोगों ने अचानक नया टॉपिक उठा लिया। - बनाना तो पड़ेगा ही वरना जनता दौड़ा-दौड़ा कर पीटेगी। - अब तो विंध्य और महाकोशल की मांग भी उठने लगी है। - पता नहीं मध्यप्रदेश के कितने टुकड़े होंगे। लेकिन एक बात तो तय है कि छोटे-छोटे राज्य बन जाएं, तो उसका विकास तेज़ी के साथ होता है। देख लो, छत्तीसगढ़ ने कितनी तरक्की कर ली। - लेकिन झारखंड तो पिछड़ गया। वहां भ्रष्टाचार ने पैर पसार लिए हैं। - अरे, भ्रष्टाचार कहां नहीं है। पूरी दुनिया में है। डेड बॉडी का क्या हुआ यार? तमाशा हो गया है। - डेड बॉडी अब तक नहीं मिली। ग्यारह बज रहे हैं। - आख़िर गई कहां? - कुछ समझ में नहीं आ रहा। अंधेरे में कहीं पड़ी होगी। ढूंढने तो समय लगता ही है। - एक के कारण सब परेशान हो गए। - ठीक कहते हो। तभी बोगी वाला युवक मुस्कराते हुए मेरे पास आया, आप ठीक कह रहे थे। डेड बॉडी अपनी बोगी में नहीं रखी जाएगी। हम लोग अब खाना खा रहे हैं। आप भी आइए न! - धन्यवाद! मुझे भूख नहीं है। युवक चला गया। ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने वाले यात्री की आवाज़ फिर सुनाई देने लगी- मैं रेलवे की ईंट-से-ईंट बजा दूंगा। महाराष्ट्र बंद करवा दूंगा। मेरी तो ट्रेन ही छूट जाएगी। एक डेड बॉडी के लिए सैकड़ों लोगों को तंग किया जा रहा है। अजीब देश है। चलिए, नारेबाज़ी करें, तभी ट्रेन आगे बढ़ेगी। उसकी बातें सुनकर लोग मंद-मंद मुस्करा रहे थे। किसी की प्रतिक्रिया न पाकर वह आगे बढ़ गया। - ग़लती लड़की की थी। वह दरवाजे़ के पास बैठी ही क्यों? यह दूसरा समूह था। ‘कोल्ड ड्रिंक्स’ पीते हुए बतिया रहा था। - उसका ‘रिज़र्वेशन’ तो था न? - पता नहीं। रहा भी होगा तो क्या? आजकल की लड़कियों की तो बात ही निराली है। - हो सकता है, रिज़र्वेशन ही न मिला हो बेचारी को? - अरे साहब, मैं अच्छे से जानता हूं इन महिला सिपाहियों को। रिज़र्वेशन के बावजूद स्टाइल मारने के लिए दरवाजे़ पर बैठकर सफ़र करती हैं। - छोड़ो यार, अब बेचारी मर गई तो उसकी बुराई क्यों करना! सोचो, उसके मां-बाप होंगे, उन पर क्या बीत रही होगी। - हां यार, होनी को कौन टाल सकता है। - लेकिन एक के लिए इतने सारे यात्रियों को परेशान करना कहां का न्याय है? यह एक प्रौढ़ व्यक्ति की आवाज़ थी। - यह हमारे यहां का न्याय है! अचानक एक बुज़ुर्ग सज्जन उत्तेजित हो गए- अरे, एक लड़की मर गई और हम उसके लिए थोड़ी-सी परेशानी भी नहीं उठा सकते? किसी के घर का चिराग़ बुझ गया और आप को अपनी पड़ी है? - आप ठीक कहते हैं। पीछे से एक आवाज़ आई- ‘वह लड़की शायद किसी की मां हो, किसी की पत्नी हो। भई, हमारी करुणा नहीं मरनी चाहिए। हम लोग और कुछ तो कर नहीं सकते, कम के कम उसकी डेड बॉडी को तो सम्मान दे ही सकते हैं। कल को हममें से किसी के साथ ऐसा हादसा हो गया तो? - मुसीबत कभी भी आ सकती है। किसी भी रूप में। - हमेशा सबका भला सोचना चाहिए। ट्रेन ने फिर सीटी दी। लोग दौड़कर बोगी में सवार हो गए। -क्या डेड बॉडी मिल गई? -पता नहीं। ट्रेन आगे जा रही है मतलब मिल ही गई होगी। एक युवक ने बताया- लड़की का सिर खंभे से टकराया और भेजा जनरल बोगी में आकर गिरा। वहां चीख-पुकार मच गई थी। - बाप रे!!! - हां। - सचमुच, लोग तो बुरी तरह घबरा गए होंगे। एक ने हंसते हुए कहा, ‘पहले तो किसी की समझ में ही नहीं आया होगा कि आख़िर ये है क्या चीज़। उसकी बात सुनकर कुछ लोग मुस्करा उठे। - अपने टाइप की अजीब घटना है। चलो, अपन तो शुरू करें। वे रमी खेलने लगे। दोनों सिपाही भी वापस आ गए। उनके चेहरे के तनाव के पाठ का एक अंश आसानी से पढ़ा जा सकता था। - क्यों भई, क्या हुआ? - डेड बॉडी मिली? - हां, बड़ी मुश्किल से। - कहां रखी है? - मंत्रीजी ने लड़की के गांव भिजवाने की व्यवस्था करवा दी है। - वाह! यह तो बहुत अच्छा हो गया। वरना जिस बोगी में रखी जाती, वहां के लोगों का तो खाना-पीना हराम हो जाता। - लेकिन लड़की गिरी कैसे? - अब कैसे बताएं, सिपाही थोड़ा तनाव में आ गया- होनी थी सो हो गई, बस्स! धीरे-धीरे अधिकांश यात्रियों ने खाने के पैकेट्स खोल लिए। सिपाहियों को आता देख शराबी युवकों ने बोतलें खिड़की के बाहर फेंक दी। बड़बड़ करने वाला यात्री बीड़ी फूंकते हुए ख़ामोश बैठा था। सोलह नंबर बर्थ वाली बूढ़ी महिला भोजन करने के बाद राम नाम का जप कर रही थी। उसकी जवान बेटी ईयर फोन लगाकर मोबाइल में किसी फ़िल्मी धुन पर धीरे-धीरे सिर हिला रही थी। मैं अपनी कि़ताब में खो गया। लेकिन फिर पढ़ने का मन नहीं हुआ, तो लगा अब सोना चाहिए। तभी दोनों सिपाही अपनी-अपनी सीट पर जाकर बैठ गए। एक ने तम्बाकू मलते हुए कहा- अच्छा हुआ शंभू, हम लोग डेड बॉडी ले जाने की ड्यूटी से बच गए। - लेकिन वर्मा तो फंस गया। दोनों हंस पड़े। अब हर कोई तनाव से मुक्त था। ट्रेन पूरी गति के साथ दौड़ी चली जा रही थी। हर कोई तनाव मुक्त था लेकिन मैं नहीं। समझ गया था कि ट्रेन दोपहर एक-दो बजे तक ही भोपाल पहुंच पाएगी। पता नहीं पिताजी किस हाल में होंगे। खाना खाने का मन बिल्कुल नहीं हुआ। बस, पानी पीकर चुपचाप लेट गया।

    
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Sunday, June 13, 2021

यूपी: दो मुंह, दो कान और चार आंखों वाले बछड़े ने लिया जन्म, देखने के लिए लगी भारी भीड़

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यूपी: दो मुंह, दो कान और चार आंखों वाले बछड़े ने लिया जन्म, देखने के लिए लगी भारी भीड़

  • 13 जून 2021,
  • अपडेटेड 11:38 PM IST

उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुदरत का अजीब करिश्मा देखने को मिला है. वहां एक गांव में दो सिर वाले बछड़े ने जन्म लिया है जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई. अब तो वहां दूर-दूर से लोग दो सिर वाले बछड़े को देखने के लिए पहुंचने लगे हैं.


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इस बछड़े की खासियत ये है कि उसे दो मुंह, दो कान और चार आंखे हैं और बछड़ा फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ्य है. चंदौली के बरहुली गांव में अरविंद यादव के घर इस बेहद खास बछड़े ने जन्म लिया है.
 

 Cow

अरविंद यादव के मुताबिक गाय ने रविवार की सुबह एक बछड़े को जन्म दिया. लेकिन जब उनके परिजनों ने इस बछड़े को देखा तो हैरान रह गए क्योंकि बछड़े के दो सिर थे. 

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अरविंद यादव और उनके परिवार के लोग जहां इसे कुदरत का करिश्मा समझ कर हैरान थे. वहीं गांव के कुछ लोग इसे दैवीय चमत्कार भी मान रहे हैं. इस अजूबा बछड़े को देखने के लिए आसपास के गांव के लोग भी अरविंद यादव के घर पहुंच गए. (सांकेतिक तस्वीर)

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वहीं पशु चिकित्सा विज्ञान से जुड़े लोगों कहना है कि भ्रूण के विकसित होने के दौरान सेल्स के एबनार्मल विकास के चलते इस तरह की चीजें सामने आती है. चंदौली के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सत्य प्रकाश पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कोई दैवी चमत्कार नहीं है.  (सांकेतिक तस्वीर)

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उन्होंने कहा, गर्भ में भ्रूण के विकसित होने के दौरान कोशिकाएं कई भागों में बटती हैं और इस प्रक्रिया के दौरान कभी-कभी कोशिकाओं का अतिरिक्त विकास हो जाता है. इसी वजह से दो सिर बन जाते हैं.   (सांकेतिक तस्वीर)

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डॉक्टर सत्य प्रकाश ने बताया कि कोशिकाओं के इस एबनॉर्मल डेवलपमेंट को पॉली सिफेली ( Poly Cephaly ) कहा जाता है.  (सांकेतिक तस्वीर)
      

                       .... Sanni maurya ji

Thanks .....

             

Saturday, May 29, 2021

Corona with आइडिया

 

     आइडिया  वाले  ने पहले ही बता दिया था
 
        कोरोना की भविष्यवाणी ।




https://youtu.be/0bh3HP51rJs?list=PL-bwsdPppjHAMNiN8GTAXmKTyKHIJUJiq

Friday, May 21, 2021

NDA ll full details

एनडीए 2 2021 अधिसूचना और परीक्षा तिथि

अंत में, यूपीएससी ने एनडीए 2021 अधिसूचना और परीक्षा तिथियां प्रकाशित की हैं। उम्मीदवार जो एनडीए 1 2021 और एनडीए 2 2021 की तैयारी कर रहे हैं, वे यहां अधिक विवरण प्राप्त कर सकते हैं। एनडीए 2 2021 अधिसूचना और परीक्षा तिथियां यूपीएससी द्वारा प्रकाशित की जाती हैं। उम्मीदवार जो एनडीए 2 2021 परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वे हमारे लेख को पढ़ सकते हैं और एनडीए 2 2021 ऑनलाइन पाठ्यक्रम के साथ अपनी तैयारी शुरू कर सकते हैं। इस लेख में हम एनडीए 2 2021 परीक्षा तिथि, अधिसूचना तिथि, आयु सीमा, रिक्तियों, शैक्षिक योग्यता, कट ऑफ, पाठ्यक्रम, पेपर पैटर्न और बहुत कुछ पर चर्चा करने जा रहे हैं। इसलिए यदि आप प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल होने का सपना देख रहे हैं, तो आप एनडीए 2 2021 की तैयारी शुरू कर सकते हैं जो एक आगामी रक्षा परीक्षा है।

एनडीए  प्रवेश परीक्षा के रूप में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा दो बार हर साल आयोजित की जाएगी  मैं - एनडीए  और  द्वितीय - एनडीए नियमित में युवा उम्मीदवारों की भर्ती के लिए,  सेना, नौसेना और वायु सेना । हर साल देश के सभी हिस्सों से युवा उम्मीदवारों द्वारा लाखों आवेदन जमा किए जाते हैं। यह एक  राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है । उम्मीदवार जो नियमित बलों में शामिल होने के इच्छुक हैं, यह राष्ट्र की सेवा करने का उनका प्रवेश द्वार है। एनडीए परीक्षा में 2 चरणों की लिखित परीक्षा होती है और उसके बाद एसएसबी साक्षात्कार होता है। SSBCrackExams टीम एक संपूर्ण NDA ऑनलाइन तैयारी पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए हमेशा मौजूद रहती है और एनडीए परीक्षा, पात्रता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों पर विवरण जो उम्मीदवारों की सिफारिश करने में मदद करते हैं।

NDA 2 2021 ELIGIBILITY CRITERIA: NDA 2 2021  अधिसूचना को  लागू करने से पहले  , प्रतिष्ठित परीक्षा में बैठने के लिए पात्रता शर्तों से गुजरें। एनडीए 2 2021 अधिसूचना में आयु सीमा का उल्लेख किया जाएगा  ।

एनडीए 2 2021 आयु सीमा:  इस अधिसूचना में आयु सीमा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यूपीएससी तारीखों को देखते हुए सख्त नियमों का पालन करता है। यूपीएससी द्वारा एनडीए 2 2021 के लिए दी गई तिथियां   हैं:

  • केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार जिनका जन्म 02 जनवरी, 2003 से पहले और 1 जनवरी, 2006 के बाद नहीं हुआ है, वे पात्र हैं।

एनडीए 1 2021 शैक्षिक योग्यता:  जैसा कि हमने पहले उल्लेख किया है कि यह एनडीए परीक्षा नियमित सेना, नौसेना और वायु सेना में युवा रक्त को स्वीकार करती है। स्पष्टीकरण के लिए कृपया नीचे दी गई तालिका देखें:

विंगयोग्यता
आर्मी विंग10+2 / समकक्ष
नौसेना विंग10+2 / भौतिकी और गणित के समकक्ष
वायु सेना10+2 / भौतिकी और गणित के समकक्ष

नोट:  जो उम्मीदवार  स्कूल शिक्षा या समकक्ष परीक्षा के १०+२ पैटर्न के तहत १२वीं कक्षा में उपस्थित हो रहे हैं, वे  भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : एनडीए 1 2021 उत्तर कुंजी पीडीएफ और पूर्ण समाधान [सभी सेट]

एनडीए 2 2021  महत्वपूर्ण तिथियां एनडीए 2 2021 अधिसूचना की महत्वपूर्ण तिथियां नीचे दी गई हैं  ।

एनडीए 2 2021 इवेंट्समहत्वपूर्ण तिथियाँ
अधिसूचना जारी होने की तिथि9 जून 2021
एनडीए 2 2021 आवेदन प्रारंभ9 जून 2021
एनडीए 2 2021 अंतिम तिथि लागू करें29 जून 2021
एडमिट कार्ड जारीपरीक्षा से 2 सप्ताह पहले
एनडीए 2 2021 परीक्षा तिथि05 सितंबर 2021
परिणाम की घोषणाअक्टूबर- नवंबर 2021

एनडीए 2 2021 चयन प्रक्रिया:  उम्मीदवारों का चयन करने के लिए यूपीएससी चयन प्रक्रिया के 2 चरणों का पालन करता है। चूंकि यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, इसलिए आवेदनों की कल्पना करना बहुत अधिक होगा। इसलिए, वे उम्मीदवारों का चयन करने के लिए नीचे दी गई विधि का पालन करते हैं:

  • लिखित परीक्षा
  • एसएसबी साक्षात्कार
  • चिकित्स्क जाँच
  • दस्तावेज़ सत्यापन
  • मेरिट लिस्ट

इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर भरी जाने वाली रिक्तियों की अनुमानित संख्या निम्नानुसार होगी:

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी370 में सेना के लिए 208,
नौसेना के लिए 42 और
वायु के लिए 120 (ग्राउंड ड्यूटी के लिए 28 सहित) शामिल हैं।
नौसेना अकादमी
(10+2 कैडेट प्रवेश योजना)
45
संपूर्ण415

एनडीए 2 2021 लिखित परीक्षा:  पूरे राष्ट्र लिखित परीक्षा से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को फ़िल्टर करने के लिए संचालन प्राधिकरण को उम्मीदवारों को आसानी से फ़िल्टर करने में मदद करता है। परीक्षा पेन और पेपर ( ऑफलाइन ) मोड में आयोजित की जाएगी ।

विषयसमयांतरालनिशान
गणित2 घंटे और 30 मिनट300
सामान्य क्षमता परीक्षण2 घंटे और 30 मिनट600
 संपूर्ण900

NDA 2 2021 SYLLABUS: Every aspirant to NDA should go through the syllabus before the examination. This is very important. Even though it is from 10+2 level but the question paper pattern will be a high pattern.

SUBJECTSYLLABUS
MATHEMATICSALGEBRA
 MATRICES AND DETERMINANTS
 TRIGONOMETRY
 ANALYTICAL GEOMETRY OF TWO AND THREE DIMENSIONS
 DIFFERENTIAL CALCULUS 
 INTEGRAL CALCULUS AND DIFFERENTIAL EQUATIONS
 VECTOR ALGEBRA
 STATISTICS AND PROBABILITY
GENERAL ABILITY TESTPART A – ENGLISH
 PART B – GENERAL KNOWLEDGE
 Physics
 Chemistry
 General Science
 History, Freedom Movement etc
 Geography
 Current Events

NDA 2 2021 SSB INTERVIEW: The candidates who qualify in written examination will be called for SSB Interview from the available centers in India.

  • Stage I – Officer Intelligence Rating (OIR), Picture perception, and Description Test.
  • Stage II – Group Testing Officer Tasks, Psychology Tests and Conference

TRAVELING ALLOWANCE FOR SSB: Candidates appearing for SSB interview for the first time for a particular type of Commission i.e. Permanent or Short Service, shall be entitled to AC III Tier to and fro railway fare or bus fare including reservation cum sleeper charges within the Indian limits. Candidates who apply again for the same type of Commission will not be entitled to traveling allowance on any subsequent occasion.

एनडीए 2 2021 मेडिकल टेस्ट: Candidates who qualify in SSB Interview they should stay 2-3 days more at the SSB Center to undergo medical tests conducted by the board. To qualify a medical test, the candidate should be fit both mentally and physically.

NDA 2 2021 APPLICATION FEE: Candidates should pay a small amount of amount as fee to apply the NDA 1 2021 examination. Those amount will be utilized for the infrastructure and other reasons to conduct the examination without fail.

  • General & OBC candidates should pay Rs. 100/-
  • No Fee for the SC/ST and sons of JCOs/ NCOs/ ORs

एनडीए 2 2021 आवेदन प्रक्रिया: Follow the below steps to apply the NDA 1 2021 notification:

  • Candidates are required to apply online by using the website upsconline.nic.in
  • भाग I पर क्लिक करें और अपना व्यक्तिगत और संपर्क विवरण जमा करें।
  • अपना पंजीकरण आईडी प्राप्त करें और आवेदन पत्र के भाग 2 पर जाएं।
  • रुपये की फीस जमा करने के तरीके का चयन करें। 100/-
  • अपने परीक्षा केंद्र का चयन करें।
  • फिर हमारे फोटो और हस्ताक्षर को उल्लिखित फ़ाइल आकार और आयामों में अपलोड करें।
  • फिर अपनी घोषणा की जांच करें और फॉर्म जमा करें।
  • भविष्य में उपयोग के लिए आवेदन पत्र की एक प्रति डाउनलोड करें

एनडीए परीक्षा कट ऑफ मार्क्स

एनडीए 1 2018 कट ऑफ
एनडीए परीक्षा वर्षलिखित परीक्षा के अंकलिखित + एसएसबी
एनडीए और एनए (आई) 2020355723
एनडीए और एनए (द्वितीय) 2020355723
एनडीए और एनए (आई) 2019342७०४
एनडीए और एनए (द्वितीय) 2018325६८८
एनडीए और एनए (आई) 2018338705
एनडीए और एनए (द्वितीय) 2017२५८624
एनडीए और एनए (आई) 2017342708
एनडीए और एनए (द्वितीय) २०१६229602
एनडीए और एनए (आई) २०१६२८८६५६
एनडीए और एनए (द्वितीय) 2015२६९६३७
एनडीए और एनए (आई) 2015३०६674
एनडीए और एनए (द्वितीय) 2014२८३६५६
एनडीए और एनए (आई) 2014360722
एनडीए और एनए (द्वितीय) 2013360721
एनडीए और एनए (आई) 2013333698
एनडीए और एनए (द्वितीय) 2012335699

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एसएसबीक्रैक परीक्षा 

SSBCrackExams भारतीय रक्षा उम्मीदवारों के लिए एक प्रीमियम ऑनलाइन पोर्टल है, जो उन्हें भारतीय रक्षा बलों में शामिल होने के अपने सपनों को प्राप्त करने में मदद करता है।

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Tuesday, May 18, 2021

Gajab का कानून......


सड़क पर 10 रुपए से ज्यादा मिले तो सरकार के, नहीं बताया तो जेल

देश में अभी भी 1.5 हजार से ज्यादा अटपटे कानून

सड़क पर 10 रुपए से ज्यादा मिले तो सरकार के, नहीं बताया तो जेल; देश में अभी भी 1.5 हजार से ज्यादा अटपटे कानून|


आपको सड़क पर कुछ रुपए पड़े मिलें तो आप किस्मत समझकर जेब में रख लेते हैं। मगर सड़क पर मिला 20 रुपए का नोट आपको एक साल की जेल करवा सकता है। यह बात भले बेतुकी लगे मगर सच है। देश में अभी भी ऐसा कानून है जिसके तहत 10 रुपए से अधिक राशि पड़ी मिले तो जानकारी सरकार को देनी होती है।

देश में ऐसे सैकड़ों कानून हैं जो सुनने में भले अटपटे लगें, मगर लागू हैं। इनमें कई कानून ऐसे हैं जिनकी प्रासंगिकता नहीं रही। सरकार ऐसे कानूनों को बदलने का प्रयास तो कर रही है, लेकिन रफ्तार बेहद धीमी है। कानून मंत्रालय ने 7 साल में करीब डेढ़ हजार ऐसे कानूनों को खत्म किया है। मंत्रालय ने संसदीय समिति को एक रिपोर्ट दी है। इसके मुताबिक अभी करीब डेढ़ हजार कानून हैं जो प्रासंगिक नहीं हैं। पढ़िए ऐसे ही कुछ कानूनों के बारे में...

1. ट्रेजर ट्रोव एक्ट 1878
इस कानून के तहत किसी को 10 रुपए से अधिक राशि का कोई खजाना मिलता है तो उसे सूचना सरकार को देनी होगी। ऐसा न करने पर व्यक्ति को एक साल कैद तक की सजा काटनी पड़ सकती है।

2. कर्नाटक लाइवस्टॉक इम्प्रूवमेंट एक्ट 1961
इसके तहत बैल रखने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। अगर बैल अपनी नस्ल को आगे बढ़ाने लायक नहीं है तो उस बैल का लाइसेंस कैंसिल करने का अधिकार सरकार को है।

3. द सराय एक्ट 1867
145 साल पुराना कानून DM द्वारा सराय प्रबंधन से जुड़ा है। इसमें सराय की देखरेख के लिए नियुक्ति, साफ-सफाई, मरम्मत, जहरीली वनस्पति हटवाना और धर्मशाला की पूरी रिपोर्ट का पंजीकरण करना शामिल है।

4. संथाल परगना एक्ट 1855
यह कानून ब्रिटिश प्रशासन की जरूरतों के लिए था। इसका मकसद आदिवासियों को अलग-थलग कर उनकी जनसंख्या बढ़ने से रोकना था। आजादी के बाद से इस कानून का प्रयोग ही नहीं हुआ है।

5. द दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट 1958
दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में लागू इस कानून को किराया तय करने, किराएदारों को जबरन निकालने से रोकने के लिए बना था। यह सरकारी प्रापर्टी, स्लम और 3,500 रुपए से ऊपर किराए वाले मामलों में लागू नहीं है।

6. टेलीग्राफ वायर्स एक्ट
इसके तहत टेलीग्राफ तार बेचने या 10 पाउंड से ज्यादा वजन के तांबे के तार पास रखने पर पांच साल की कैद व जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन 2013 के बाद यह कानून प्रासंगिक नहीं रहा।

7. द पुलिस एक्ट 1922
यह कानून सरकार व पुलिस के प्रति असहमति का अपराध करने वालों के लिए है। इसमें पुलिस को ड्यूटी से रोकना, अनुशासन तोड़ना जुर्म है। छह महीने की सजा या 200 रुपए तक जुर्माना या दोनों सजा संभव।

8. प्राइज कंपटीशन एक्ट 1955
आजादी के बाद पजल व पहेलियां सुलझाने के लिए देश में प्रतियोगिताएं होने लगीं। जीतने वालों को नकद राशि मिलती, जो बाद में जुआ बन गया। 1955 में प्राइज कम्पटीशन एक्ट बना पर आज प्रासंगिक नहीं है।

9. द रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट 1939
भारत आने वाले हर विदेशी नागरिक को 180 दिन से ज्यादा रहने पर पूरी जानकारी देनी होगी। सभी होटल और लॉज आदि की जिम्मेदारी है कि यह जानकारी सरकार को अनिवार्य रूप से दे। द्वितीय विश्व युद्ध के समय भारत आने वाले विदेशियों की निगरानी के लिए अंग्रेजों ने यह कानून बनाया था।

Monday, May 17, 2021

General news

शहरों व कस्बों में बाईपास बनाने की कार्ययोजना बनाएं : केशव प्रसाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ


उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव, नवीनीकरण व चौड़ीकरण पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं।


        उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य -


उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव, नवीनीकरण व चौड़ीकरण पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, शहरों, कस्बों में बाईपास बनाने की कार्य योजना तैयार करने को कहा है।        
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उप मुख्यमंत्री सोमवार को राज्य सड़क प्रबंधन समिति की वर्चुअल बैठक करते हुए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रबंधन समिति के सदस्यों से भी सड़क निर्माण कार्यों के बारे में सुझाव लिए गए। समिति ने राज्य सड़क निधि के अंतर्गत वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना में प्राविधानित 3000 करोड़ में से 2200 सौ करोड़ चालू कार्यों पर व 800 करोड़ नए कार्यों पर व्यय करने की मंजूरी दे दी है। 


समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि राज्य सड़क निधि के मद संख्या-3054 में प्रावधानित 1500 करोड़ में से चालू कार्य के लिए 1200 सौ करोड़ एवं नए कार्यों के लिए 300 करोड़ और मद संख्या-5054 में प्राविधानित 1500 करोड़ के सापेक्ष चालू कार्यों पर 1000 करोड़ एवं नए कार्यो  पर 500 करोड़ रुपए व्यय किया जाएगा। 

उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया है। वर्चुअल बैठक में कई सांसदों ,विधायकों व समिति के सदस्यों ने निर्माण कार्यों के बारे में अपने सुझाव रखे। उप मुख्यमंत्री ने सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि निर्धारित गाइडलाइन व नई तकनीकी के माध्यम से आवश्यक आवश्यकता के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस मौके पर समिति द्वारा कोरोना संक्रमण से दिवंगत लोगों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। 


Thursday, May 6, 2021

Ganeral news

UPoard Exam 2021: पढ़ाई बंद न करें, परीक्षाओं के लिए करते रहें रिवीजन, नोट कर लें ये टिप्स

वरिष्ठ संवाददाता , कानपुरLast Modified: Thu, May 06 2021

यूपी बोर्ड कक्षा 10 व 12 की परीक्षाएं दो बार टलने के बाद छात्रों को अब इसकी नई तिथि का इंतजार है। शिक्षकों की चिंता यह है कि ज्यादातर छात्रों ने पढ़ाई बंद कर दी है और शिक्षकों से संपर्क तोड़ दिया है। शिक्षकों का कहना है कि छात्र पढ़ाई बंद न करें। रिवीजन करते रहें।

बीएनएसडी इंटर कॉलेज में भौतिक विज्ञान के अध्यक्ष डॉ. एसके अग्रहरि व मानविकी के विभागाध्यक्ष अशोक कुमार का कहना है कि मॉडल पेपर से तय समय सीमा में छात्र पेपर प्रैक्टिस करें। इससे समय प्रबंधन होगा और रिवीजन बना रहेगा।

ऐसे करें छात्र तो रहेगी तैयारी

1. मैथ्स, फिजिक्स और केमेस्ट्री में फॉर्मूलों का रोज रिवीजन करें।
2. हर विषय के तीन से चार चैप्टरों से कुछ प्रश्न को अवश्य हल करें।
3. फॉर्मूलों की तरह परिभाषाओं को भी लिख कर याद करें।
4. बायोलॉजी जैसे विषय में नोट्स या पुस्तक के मुख्य अंश पढ़ें।
5. इनमें मुख्य डायग्राम की भी नामाकंम के साथ रेगुलर प्रैक्टिस करें।